क्या मैं अभी कोविशील्ड और बाद में फाइजर की वैक्सीन ले सकता हूं? एक्सपर्ट से जानें इसका जवाब

मेलबर्न
भारत में सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड वैक्सीन को लगवाने की गाइडलाइन में सरकार बार-बार बदलाव कर रही है। यही कारण है कि लोगों में वैक्सीनेशन को लेकर खासा असमंजस है। कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन और वैक्सीन की आपूर्ति में बाधा के बीच बहुत से लोग यह सोच रहे हैं कि क्या वे कोविड-19 की अलग-अलग वैक्सीन को मिक्स एंड मैच करके ले सकते हैं। इसका मतलब यह है कि कोई व्यक्ति पहली खुराक के रूप में एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन और दूसरी खुराक के रूप में फाइजर की वैक्सीन ले सकते हैं या नहीं। इतना ही नहीं, कई लोगों के मन में यह सवाल भी है कि क्या बूस्टर डोज के रूप में किसी और कंपनी की वैक्सीन लगवाई जा सकती है?
कोविशील्ड और फाइजर की वैक्सीन

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लोगों के मन में उठ रहे ऐसे ही कई सवालों के जवाब मेलबर्न विश्वविद्यालय के फियोना रसेल और मर्डोक चिल्ड्रन रिसर्च इंस्टीट्यूट के जॉन हार्ट ने द कन्वरसेशन में दिया। उन्होंने बताया कि इसे लेकर चल रहे कई अध्ययन के बीच, हाल ही में स्पेन और ब्रिटेन में वैक्सीन को मिला जुलाकर लेने से जुड़े आंकड़े जारी किए गए हैं और यह आंकड़े बहुत आशाजनक हैं, और बताते हैं कि मिक्स एंड मैच शेड्यूल एक ही टीके की दो खुराक की तुलना में उच्च एंटीबॉडी स्तर दे सकता है।
ऑस्ट्रेलिया के औषधि नियामक, थेरेप्यूटिक गुड्स एडमिनिस्ट्रेशन (टीजीए) ने अभी तक मिक्स एंड मैच कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम को मंजूरी नहीं दी है, कुछ देश पहले से ही ऐसा कर रहे हैं। तो यह कैसे काम करता है, और यह एक अच्छा विचार क्यों हो सकता है?

दो वैक्सीन को लेने से क्या फायदा?

अगर कोविड-19 के वैक्सीनेशन कार्यक्रम में वैक्सीन के मिश्रण की इजाजत हो तो इससे सुविधा बढ़ेगी और एक सुविधाजनक टीकाकरण कार्यक्रम होने से हम वैश्विक आपूर्ति बाधाओं का सामना करने में सक्षम होंगे। यदि एक टीके की कमी है, तो आपूर्ति के लिए प्रतीक्षा करने के लिए पूरे कार्यक्रम को रोकने के बजाय, कार्यक्रम एक अलग टीके के साथ जारी रख सकते हैं, भले ही किसी को पहली खुराक के रूप में कोई भी टीका दिया गया हो।
यदि एक टीका वायरस के एक निश्चित प्रकार के खिलाफ दूसरे की तुलना में कम प्रभावी है, तो मिक्स एंड मैच शेड्यूल यह सुनिश्चित कर सकता है कि जिन लोगों को पहले से ही कम प्रभावी टीके की एक खुराक मिली है, उन्हें एक वैक्सीन के साथ बूस्टर मिल सकता है जो कि वायरस के उस संस्करण के खिलाफ अधिक प्रभावी है।

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कुछ देश पहले से ही मिक्स एंड मैच वैक्सीन शेड्यूल का उपयोग कर रहे हैं, क्योंकि एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के बारे में सिफारिशों को बदलने के बाद खून के थक्के जमने/खून बहने की स्थिति का एक बहुत ही दुर्लभ दुष्प्रभाव है। यूरोप के कई देश अब युवाओं को सलाह दे रहे हैं कि इस वैक्सीन की पहली खुराक लेने के बाद अब उन्हें दूसरी खुराक के रूप में एक वैकल्पिक टीका लेना चाहिए, आमतौर पर फाइजर जैसा एमआरएनए टीके। जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन, नॉर्वे और डेनमार्क उन देशों में शामिल हैं जो इस कारण से मिश्रित टीकाकरण कार्यक्रम की सलाह दे रहे हैं।

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क्या दो वैक्सीन को मिलाकर लेना सुरक्षित है?

मई में प्रसिद्ध साइंस जर्नल द लैंसेट में प्रकाशित यूके मिक्स एंड मैच स्टडी में, 50वर्ष से अधिक उम्र के 830 वयस्कों को पहले फाइजर या एस्ट्राजेनेका के टीके लगाने के लिए औचक रूप से चुना गया, फिर बाद में दूसरा टीका लगाया गया। इस प्रयोग के बाद यह पाया गया कि जिन लोगों ने मिश्रित वैक्सीन ली, उनमें एक ही तरह की दोनो वैक्सीन लेने के बाद के प्रभावों की गैर मानक अनुसूची के मुकाबले टीके की दूसरी खुराक के बाद हल्के से मध्यम लक्षण विकसित होने की संभावना अधिक थी, जिसमें इंजेक्शन स्थल पर ठंड लगना, थकान, बुखार, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द, अस्वस्थता, मांसपेशियों में दर्द शामिल थे।
                  US Vaccine 0991
हालांकि, ये प्रतिक्रियाएं अल्पकालिक थीं और कोई अन्य सुरक्षा चिंताएं नहीं थीं। शोधकर्ता अब यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि क्या पेरासिटामोल के शुरुआती और नियमित उपयोग से इन प्रतिक्रियाओं की आवृत्ति कम हो जाती है। स्पेन में एक अन्य समान अध्ययन (जिसकी अभी समीक्षा नहीं की गई) में पाया गया कि अधिकांश दुष्प्रभाव हल्के या मध्यम और अल्पकालिक (दो से तीन दिन) थे, और एक ही टीके की दो खुराक लेने से होने वाले दुष्प्रभावों के समान थे।
वैक्सीन खरीदने को मदद
वैक्सीन खरीदने को मदद
कोरोना संकट (covid crisis) के इस दौर में जब देश भर में वैक्सीन (Vaccine) की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। केंद्र सरकार ने अब तक सिर्फ 4,500 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। नागपुर के एक आरटीआई (RTI) कार्यकर्ता को सरकार से यह सूचना मिली है। राज्यों को कोरोना वैक्सीन खरीदने (Covid vaccine purchase) में मदद करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने बजट में ₹35,000 का प्रावधान किया था। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि देश में कोविड-19 वैक्सीन प्रोग्राम पर ₹35,000 करोड़ का प्रस्ताव किया गया है।

 
देश ने किया मजबूती से मुकाबला
देश ने किया मजबूती से मुकाबला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM modi) ने कहा है कि देश ने कोरोना के पहले संकट (Covid crisis) का बहादुरी से मुकाबला किया है। रविवार को PM मोदी ने कहा कि कोरोना संक्रमण के सेकंड वेव (Second Wave) की लड़ाई में भी देश मजबूती से खड़ा होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने देश के सभी लोगों को कोरोनावायरस के सेकंड वेव (Second Wave) से लड़ाई में भी उसी मजबूती से अपनी तरफ से योगदान करने के लिए कहा है।


 
कोरोना टीका खरीद सकते हैं राज्य
कोरोना टीका खरीद सकते हैं राज्य
केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि जून में देश के राज्यों को कोरोनावायरस वैक्सीन (Covid vaccine) की 6 करोड़ से अधिक डोज दी जाएगी। मई में देश के राज्यों को केंद्र सरकार की तरफ से कोरोना टीके (Covid vaccine) की चार करोड़ डोज दी गई थी। इसके अलावा जून में कोरोना वैक्सीन (Covid vaccine) की करीब 6 करोड़ डोज राज्यों और निजी अस्पतालों की खरीदारी के लिए उपलब्ध रहेगी।

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